संसद में जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने एक बार फिर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से बातचीत की है। सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि दोनों नेताओं के बीच सदन में डेडलॉक खत्म करने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही, महिला आरक्षण और परिसीमन के समर्थन को लेकर भी बातचीत हुई। राहुल गांधी ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी दलों के साथ मिलकर फिर सरकार के साथ बात करेंगे। सरकार के सूत्रों के अनुसार, बिल पास कराने के लिए संख्या पूरी है, लेकिन कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है, इसलिए कांग्रेस को भी साथ लाना चाहते हैं।
"हम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हो सकते हैं, लेकिन दुश्मन नहीं"
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा, "मेरी राहुल गांधी के साथ सार्थक बातचीत हुई। हमने उनसे एक विशेष मुद्दे पर अनुरोध किया और अन्य विषयों पर भी चर्चा की। हम चाहते हैं कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के साथ लगातार संवाद बना रहे और समन्वय के साथ काम हो। हम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हो सकते हैं, लेकिन दुश्मन नहीं हैं। इसलिए हमें राष्ट्रीय हित में मिलकर काम करना चाहिए। हालांकि, बाहर यह धारणा बनाई जा रही है कि वे किसी भी कीमत पर संसद नहीं चलने देना चाहते हैं। लेकिन आखिर इसका नुकसान किसे होगा?" उन्होंने आगे कहा, "गृह मंत्री ने यहां विधेयक पेश किए हैं और वे सुबह से शाम तक संसद में मौजूद रहकर काम कर रहे हैं। स्वाभाविक है कि जिस मंत्री का विधेयक सदन में विचाराधीन होता है, वही सदन में उपस्थित रहता है।"
"कई सांसद चर्चाओं में हिस्सा ले रहे हैं और अपने विचार रख रहे"
उन्होंने कहा, "गृह मंत्री और प्रधानमंत्री सुबह से शाम तक संसद में मौजूद रहते हैं। विपक्ष के सदस्य खुद ही सदन की कार्यवाही नहीं चलने देते, बल्कि बाहर जाकर नारेबाजी करते हैं। यह उचित नहीं है।" उन्होंने आगे कहा, "राज्यसभा में कांग्रेस और उसके कुछ सहयोगी दलों के वॉकआउट के बावजूद विस्तृत चर्चा के बाद विधेयक पारित हो रहे हैं। कई सांसद चर्चाओं में हिस्सा ले रहे हैं और अपने विचार रख रहे हैं। आखिरकार सबसे अधिक नुकसान कांग्रेस, खासकर उसके नए निर्वाचित सांसदों का हो रहा है, क्योंकि उन्हें सदन में अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।"
रिजिजू ने कहा, "देश आगे बढ़ रहा है, लेकिन वे रोज वही नारे लगाते रहते हैं। छात्रों के हित में प्रधानमंत्री ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक की समस्या से निपटने के लिए कई क्रांतिकारी फैसले लिए हैं। इसके बावजूद ये लोग सुबह एक मुद्दे पर हंगामा करते हैं और भगवान श्रीराम का अपमान करने का नाटक करते हैं। इस तरह का व्यवहार और लगातार नारेबाजी करना उचित नहीं है।"
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